
सतर्कता से टला बाल विवाह: दस्तावेज जांच में नाबालिग निकली बालिका, प्रशासन ने रुकवाया विवाह।
खंडवा। जिले के छैगांव माखन थाना क्षेत्र में बाल कल्याण समिति की तत्परता से एक नाबालिग बालिका का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई गई। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया की
मामले में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में सदस्य रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन, मोहन मालवीय एवं कविता पटेल ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर परियोजना अधिकारी रुपसिंह सिसोदिया और पेरा लीगल वॉलेंटियर गणेश कनाडे भी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई।
दस्तावेजों की पुष्टि के बाद जिला टास्क फोर्स, महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खंडवा के समन्वय से तत्काल कार्रवाई करते हुए विवाह को रुकवाया गया। इसके बाद बालिका को समिति के संरक्षण में लेकर सुरक्षित रखा गया और उसकी काउंसलिंग की गई। आवश्यक समझाइश के पश्चात बालिका को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है, इसलिए इसे हर हाल में रोकना आवश्यक है। समाजसेवी सुनील जैन बताया कि बाल कल्याण समिति एवं प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे मामलों को रोका जा सके। यह कार्रवाई न केवल एक बालिका के भविष्य को सुरक्षित करने में सफल रही, बल्कि समाज में जागरूकता और कानून के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देती है।











